खामोशी में छिपा है सबसे बड़ा जवाब
जब मन उलझ जाए, बोलना बंद करें। 10 मिनट शांत बैठें, साँस पर ध्यान दें। जवाब अपने आप आता है।
खामोशी डराती नहीं, सिखाती है। यह मन की धूल हटाती है और साफ दर्पण बनाती है। रोज़ 10 मिनट की खामोशी – जीवन की सबसे सस्ती थेरेपी।
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